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Jantar Mantar फिर बना छावनी! भारी सुरक्षा, बैरिकेडिंग और इंटरनेट पाबंदी के बीच प्रदर्शन

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Jantar Mantar protest security barricading Delhi against Gyanesh Kumar resignation
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा।

नई दिल्ली का जंतर-मंतर शनिवार को एक बार फिर कड़ी सुरक्षा के घेरे में नजर आया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन के दूसरे दिन पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। प्रदर्शनकारियों को निर्धारित क्षेत्र से आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई।

जंतर-मंतर पर शुक्रवार को भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद शनिवार को भी इलाके में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई गई।

जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा और बैरिकेडिंग

शनिवार को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। प्रदर्शनकारियों की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेड लगाए और आने-जाने वाले लोगों की जांच की।

पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को निर्धारित क्षेत्र से आगे जाने से रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है। शुक्रवार को भी जंतर-मंतर के आसपास भारी पुलिस बल, बैरिकेड और सुरक्षा वाहनों की तैनाती की गई थी।

दूसरे दिन भी प्रदर्शन की कोशिश

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का यह लगातार दूसरा दिन है। शुक्रवार को छात्र संगठनों, राजनीतिक दलों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने की कोशिश की थी।

शनिवार को भी AISA समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर बढ़े। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव समेत कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विरोध से जुड़े संगठनों ने चुनावी मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सवाल उठाए हैं और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग की है।

हालांकि, इन आरोपों और राजनीतिक दावों को लेकर अलग-अलग पक्षों के बयान हैं। चुनाव आयोग और सरकार ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष रखा है। इसलिए SIR से जुड़े आरोपों को अंतिम निष्कर्ष के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।

मोबाइल इंटरनेट पर भी पाबंदी

जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवा को लेकर भी प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। शुक्रवार को दूरसंचार कंपनियों को जंतर-मंतर और उसके आसपास करीब 1.5 किलोमीटर के क्षेत्र में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक इंटरनेट सेवा निलंबित रखने के निर्देश दिए गए थे।

रिपोर्टों के मुताबिक, यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन के दौरान भीड़ के जमावड़े को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया था।

दिल्ली के कई रास्तों पर असर

जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग और सुरक्षा जांच का असर मध्य दिल्ली के यातायात पर भी पड़ा। अशोक रोड, संसद मार्ग और जनपथ समेत आसपास के कई रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हुई और यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी प्रदर्शन के मद्देनजर यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की थी।

शुक्रवार को सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए

शुक्रवार के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में 500 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इनमें AAP नेता और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी, सौरभ भारद्वाज और AISA नेता नेहा बोरा समेत कई लोग शामिल थे।

शनिवार को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार की घटनाओं को लेकर तीन FIR भी दर्ज कीं। पुलिस के मुताबिक दो FIR संसद मार्ग थाने और एक FIR कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई। इनमें सार्वजनिक सेवक के आदेश की कथित अवहेलना सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं लगाई गई हैं।

जुलाई के प्रदर्शन की फिर याद आई

जंतर-मंतर पर मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की तुलना जुलाई में हुए प्रदर्शन के दौरान की गई सुरक्षा से की जा रही है। अक्टूबर में यह दूसरी बार है जब जंतर-मंतर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन को लेकर इंटरनेट सेवा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। जुलाई में भी यहां प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट सेवा निलंबित की गई थी।

फिलहाल जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस की निगरानी जारी है और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

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