मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में कथित जहरीली शराब पीने से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 14 तक पहुंच गया है। कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
जांच के दौरान नकली शराब के एक ऐसे नेटवर्क का कनेक्शन सामने आने की बात कही जा रही है, जिसके तार उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से जुड़े बताए जा रहे हैं। आरोप है कि नकली शराब को असली ब्रांड जैसा दिखाने के लिए नकली रैपर, ढक्कन और QR कोड तक का इस्तेमाल किया जाता था।
ललितपुर से जुड़ा बताया जा रहा है नकली शराब का नेटवर्क
प्रारंभिक जांच और पूर्व में हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़े विवरणों के मुताबिक, सागर के सीमावर्ती इलाकों में ललितपुर से जुड़े शराब तस्करों का नेटवर्क सक्रिय था।
बताया जा रहा है कि गिरोह कथित तौर पर ललितपुर क्षेत्र में नकली शराब तैयार करता था और फिर उसे कम कीमत पर सागर जिले के अलग-अलग गांवों में पहुंचाया जाता था।
पूर्व में ललितपुर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में भी नकली शराब के एक गिरोह का खुलासा हुआ था। जांच में आरोपियों से पूछताछ के दौरान सागर के बंडा क्षेत्र समेत आसपास के इलाकों में नकली शराब की सप्लाई किए जाने की बात सामने आने का दावा किया गया था।
इस मामले में रवि लखेरा, उसकी पत्नी शिवानी लखेरा, चंद्रेश लोधी और मोना राजा समेत कई नाम सामने आने की जानकारी दी गई है।
नकली रैपर और फर्जी QR कोड से असली जैसी दिखती थी बोतल
नकली शराब के इस कथित नेटवर्क में शराब की बोतलों को असली जैसा दिखाने के लिए कई तरह के तरीके अपनाए जाने की बात सामने आई है।
आरोप है कि बोतलों पर नकली रैपर, नकली ढक्कन और फर्जी QR कोड लगाए जाते थे। इसके बाद इन्हें असली शराब की तरह बाजार में खपाया जाता था।
बताया जा रहा है कि नकली शराब को वाहनों और बाइक के जरिए सागर के ग्रामीण इलाकों में पहुंचाया जाता था। इनमें बांदरी, बढ़ोदिया, गूगरा खुर्द, नौराज और बैराज जैसे इलाके शामिल बताए गए हैं।
इस तरीके से शराब की बोतल देखकर आम ग्राहक के लिए असली और नकली शराब में अंतर करना मुश्किल हो जाता था।
5 शराब दुकानें सील, पुलिस की छापेमारी तेज
जहरीली शराब से मौतों की घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। संदिग्ध लोगों और शराब के नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पांच शराब दुकानों को सील कर दिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली शराब की सप्लाई में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग शामिल थे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस और प्रशासन द्वारा कार्रवाई तेज किए जाने की बात कही गई है।
पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने लगाए लापरवाही के आरोप
पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता हर्ष यादव ने घटना को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में अवैध शराब की शिकायतों को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया।
उनका कहना है कि यदि पहले ही अवैध शराब के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाती तो इतने लोगों की जान जाने से बचाई जा सकती थी।
बंडा इलाके में मचा हड़कंप
जहरीली शराब से मौतों की खबर सामने आने के बाद बंडा तहसील और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। कई परिवारों ने अपने लोगों को खो दिया है, जबकि कुछ लोग अभी अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
पुलिस पूरे मामले में शराब के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और स्थानीय स्तर पर जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
ये हैं बताए गए मृतकों के नाम
आपकी उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक 11 मृतकों के नाम इस प्रकार हैं:
- गोलू उर्फ चमन लोधी, पिता साहब सिंह, उम्र 45 वर्ष — ग्राम गूगरा खुर्द
- दिग्विजय, पिता देवेंद्र लोधी, उम्र 28 वर्ष — ग्राम नौराज
- करतार सिंह, पिता जोधन लोधी, उम्र 30 वर्ष — ग्राम नौराज
- उजयार सिंह, पिता विजय सिंह लोधी, उम्र 56 वर्ष — ग्राम गूगरा खुर्द
- रोशन लोधी, पिता जगन्नाथ, उम्र 30 वर्ष — ग्राम पाटन, थाना विनायका
- राजेंद्र, पिता मूरत लोधी, उम्र 32 वर्ष — ग्राम नौराज गूगरा
- हरनाम, पिता घनश्याम राय, उम्र 42 वर्ष — ग्राम चौका
- उत्तम, पिता नत्थू नायक, उम्र 42 वर्ष — ग्राम दलपतपुर
- सुमेर सिंह दांगी, पिता पूरन, उम्र 47 वर्ष — ग्राम बमूरा
- राजकुमार लोधी, पिता नन्नई लोधी, उम्र 47 वर्ष — ग्राम बमूरा
- सुरेंद्र अहिरवार, पिता शुख़लाल, उम्र 35 वर्ष — ग्राम लिधौरा; बमूरा में शराब सेवन की जानकारी
14 मौतों के आंकड़े की पुष्टि क्यों जरूरी है?
इस मामले में उपलब्ध जानकारी में मौतों की संख्या को लेकर अंतर दिखाई दे रहा है। घटना के विवरण में 14 लोगों की मौत की बात कही गई है, जबकि उपलब्ध मृतकों की सूची में फिलहाल 11 नाम दिए गए हैं।
इसलिए आधिकारिक रूप से जारी मृतकों की सूची और अंतिम सरकारी आंकड़े आने के बाद संख्या को अपडेट करना उचित होगा।
जांच में सामने आएगा पूरा नेटवर्क?
सागर के बंडा में हुई इस घटना ने नकली और अवैध शराब की सप्लाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच का मुख्य फोकस अब कथित ललितपुर-सागर नकली शराब नेटवर्क, शराब की सप्लाई के रास्ते और स्थानीय स्तर पर इससे जुड़े लोगों पर है।
पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ने के साथ इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों और नकली शराब की सप्लाई के स्रोत को लेकर और खुलासे होने की उम्मीद है।






















