
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को जालंधर के करतारपुर स्थित गांव काहलवां में आयोजित विशाल ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर निशाना साधा। सीएम मान ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 750 किसानों के खून से भाजपा के हाथ रंगे हैं, लेकिन सत्ता की लालसा में अकाली दल अब उसी भाजपा से गठजोड़ के लिए मिन्नतें कर रहा है। पंजाब के लोग इसे कभी माफ नहीं करेंगे।
अकाली और कांग्रेस पर साधा निशाना
पारंपरिक राजनीतिक दलों को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों और कांग्रेस के पास पंजाब के विकास के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है, उन्हें केवल सत्ता और पंजाब के खजाने को लूटने की भूख है। उन्होंने अकालियों पर बरसते हुए कहा कि अपने लंबे कुशासन के दौरान उन्होंने पूरे पंजाब में नशा फैलाया, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के दोषियों को संरक्षण दिया और जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। उन्होंने कहा कि जनता ने ऐसे अहंकारी नेताओं को पहले ही सियासी गुमनामी में भेज दिया है।
“पहले चोरों की सरकार थी, अब ईमानदार सरकार है”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछली सरकारों और अपनी सरकार के कामकाज में फर्क बताते हुए कहा कि पहले “चोरों की सरकार” थी, जिसके कारण कोई काम नहीं होता था, लेकिन आज एक ईमानदार सरकार जनता के लिए दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने सरकार की प्रमुख उपलब्धियां गिनाईं:
* मुफ्त बिजली और नहरी पानी: पंजाब के 90% से अधिक घरों के बिजली बिल जीरो आ रहे हैं। किसानों को दिन के समय पर्याप्त नहरी पानी मिल रहा है, जिससे नहरी सिंचाई का दायरा 26% से बढ़कर 80% हो गया है।
* पारदर्शी रोजगार: युवाओं को बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के पूरी पारदर्शिता के साथ 70,840 सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
* स्वास्थ्य और शिक्षा: ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल रहा है। इसके साथ ही युवाओं को खेलकूद से जोड़ने के लिए प्रदेश भर में 3,100 खेल मैदान बनाए जा रहे हैं।
* ‘मांवां धियां सतिकार योजना’: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर महिलाओं को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की किस्त सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच रही है, जिसके लिए सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
गांव के विकास के लिए 51 लाख का चेक सौंपा
‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव काहलवां के विकास के लिए पंचायत को 51 लाख रुपये का चेक भी सौंपा। उन्होंने कहा कि वे राजनीति में पैसे कमाने नहीं, बल्कि लोगों की सेवा करने आए हैं। पिछली सरकारों के विपरीत उन्होंने कभी अपने लिए खजाने से कुछ नहीं मांगा, बल्कि करदाताओं के पैसे का एक-एक रुपया पूरी ईमानदारी से जनहित में खर्च किया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक बलकार सिंह, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


























