मुंबई में Tiger Shroff से जुड़ी फायरिंग की घटना के बाद बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल तेज है। मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा बढ़ गई है। इसी बीच अभिनेता Salman Khan को लेकर लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई का बयान सामने आया है।
रमेश बिश्नोई ने कहा है कि सलमान खान की ओर से बिश्नोई समाज से माफी मांगने पर इस विवाद का रास्ता निकल सकता है। उनका कहना है कि सलमान खान से उनकी या लॉरेंस बिश्नोई की कोई निजी दुश्मनी नहीं है, बल्कि मामला बिश्नोई समाज की भावनाओं से जुड़ा है।
‘सलमान से निजी दुश्मनी नहीं’
IANS से बातचीत में रमेश बिश्नोई ने कथित तौर पर कहा कि सलमान खान से उनकी या लॉरेंस बिश्नोई की कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। उनके मुताबिक, बिश्नोई समाज में इस मामले को लेकर नाराजगी जरूर है।
रमेश ने यह भी कहा कि लॉरेंस की ओर से सलमान खान के सामने माफी मांगने का रास्ता रखा गया था। उनके अनुसार, माफी किसी व्यक्ति या परिवार से नहीं बल्कि बिश्नोई समाज के धार्मिक गुरु के सामने मांगे जाने की बात कही गई थी।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बार-बार समझाने के बावजूद नहीं आता, तो स्वाभाविक तौर पर समाज में गुस्सा बढ़ सकता है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले पर भी बोले रमेश
टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आने और कथित तौर पर जिम्मेदारी लेने की बात पर भी रमेश ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि उन्हें फिलहाल इस नए मामले की पूरी जानकारी नहीं है। उनका कहना था कि लॉरेंस का नाम सामने आ रहा है, लेकिन उनके मुताबिक अभी ऐसी कोई रिकॉर्डिंग उनके सामने नहीं आई है, जिससे इस दावे की पुष्टि हो सके।
रमेश ने यह भी कहा कि बिश्नोई समाज जानवरों के प्रति काफी संवेदनशील है और इसी वजह से इस तरह के मामलों को लेकर समाज में भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।
क्या है सलमान खान और बिश्नोई समाज का विवाद?
सलमान खान पर 1998 में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान काले हिरण के शिकार का आरोप लगा था। काला हिरण बिश्नोई समाज के लिए धार्मिक और भावनात्मक महत्व रखता है। इसी मामले को लेकर लंबे समय से सलमान खान और बिश्नोई समाज के बीच विवाद की चर्चा होती रही है।
हालांकि, टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की कथित भूमिका और सलमान खान से जुड़े पुराने विवाद को लेकर सामने आ रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों और आधिकारिक जांच से ही हो सकेगी।




























