पंजाब में घरों के मालिकाना हक को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को धूरी में ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत लाभार्थियों को प्रॉपर्टी ओनरशिप सर्टिफिकेट सौंपे।
सरकार का कहना है कि इस योजना के जरिए उन घरों को औपचारिक रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा, जो लंबे समय से लाल लकीर (Lal Lakir) के भीतर होने के कारण पारंपरिक राजस्व रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं थे।
क्या है ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना?
इस योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को उनके घर पर स्पष्ट मालिकाना अधिकार और उसका दस्तावेजी रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, गांवों में कई परिवार पीढ़ियों से अपने मकानों में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास घर के मालिकाना हक का औपचारिक दस्तावेज नहीं है। ऐसे परिवारों के लिए Property Card भविष्य में स्वामित्व की स्थिति को स्पष्ट करने में मदद कर सकता है।
4,000 गांवों में बदल जाएगा प्रॉपर्टी रिकॉर्ड
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने लाल लकीर से जुड़े गांवों में औपचारिक प्रॉपर्टी रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार के अनुसार करीब 4,000 गांवों को इस प्रक्रिया के तहत शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य घरों की पहचान, सीमाओं और मालिकाना जानकारी का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करना है।
ड्रोन से होगी हर घर की पहचान
योजना में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन के जरिए गांवों में मकानों और प्लॉट की मैपिंग की जाएगी।
इसके बाद संबंधित अधिकारी घर-घर जाकर मालिक की पहचान और प्रॉपर्टी से जुड़ी जानकारी को रिकॉर्ड करेंगे। तैयार किए गए ड्राफ्ट मैप और विवरण को सार्वजनिक करने की व्यवस्था होगी, ताकि लोग अपने रिकॉर्ड को जांच सकें और किसी गलती की स्थिति में सुधार की मांग कर सकें।
Property Card में QR Code और GPS Location
अंतिम रूप से तैयार Property Card में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होंगी। इसमें सर्वे यूनिट नंबर, GPS लोकेशन, ड्रोन मैप और QR Code शामिल होगा।
QR Code के जरिए रिकॉर्ड को ऑनलाइन सत्यापित करने की सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य है। इससे संपत्ति के रिकॉर्ड को ज्यादा पारदर्शी और आसानी से सत्यापित करने योग्य बनाया जा सकेगा।
बैंक लोन लेने में भी मिल सकती है मदद
सरकार के मुताबिक, औपचारिक प्रॉपर्टी रिकॉर्ड बनने के बाद पात्र परिवारों के लिए अपनी संपत्ति को बैंक लोन के लिए सुरक्षा के रूप में इस्तेमाल करना आसान हो सकता है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि Property Card मिलते ही लोन स्वत: मिल जाएगा। लोन की मंजूरी बैंक के नियमों, दस्तावेजों और आवेदक की पात्रता पर निर्भर करेगी।
पहले चरण में 2,295 गांव
Property Card वितरण को कई चरणों में पूरा करने की योजना बनाई गई है।
पहले चरण में पंजाब के 2,295 गांवों, जिनमें संगरूर के 221 गांव शामिल हैं, में Property Cards वितरित करने की योजना है। इसके बाद दूसरे चरण में 1,668 गांवों को कवर किया जाएगा।
सरकार के मुताबिक तीसरा चरण नवंबर और चौथा दिसंबर में चलाया जाएगा तथा इस साल के अंत तक योजना को पूरे पंजाब में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
धूरी में ₹47 करोड़ का जल प्रोजेक्ट
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने धूरी के लिए ₹47 करोड़ के जल प्रोजेक्ट की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में नहर के पानी की पहुंच कृषि भूमि के 88 प्रतिशत हिस्से तक हो चुकी है।
भगवंत मान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल संपत्ति के कागज देना नहीं, बल्कि लोगों को उनके घर के मालिकाना हक को लेकर सुरक्षा और भविष्य के लिए भरोसा देना है।


























