भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 20 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते का उद्देश्य व्यापार और निवेश बढ़ाना तथा दोनों देशों के कारोबारियों को बेहतर बाजार पहुंच उपलब्ध कराना है।
इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड के भारत को होने वाले निर्यात के करीब 95% हिस्से पर टैरिफ खत्म या कम किए जाएंगे। न्यूजीलैंड के सरकारी व्यापार निकाय के अनुसार, समझौता लागू होने के दिन करीब 57% न्यूजीलैंड निर्यात ड्यूटी-फ्री हो जाएगा और पूरी तरह लागू होने पर 95% निर्यात पर टैरिफ समाप्त या कम हो जाएगा।
🍷 शराब कितनी सस्ती होगी?
FTA को लेकर सोशल मीडिया और बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा शराब की कीमतों को लेकर है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि 20 अक्टूबर से न्यूजीलैंड की शराब की कीमत में अचानक 95% की कमी नहीं होगी।
सरकार के दस्तावेज के मुताबिक वाइन उन उत्पादों में शामिल है जिन पर टैरिफ में कमी की व्यवस्था की गई है, जबकि कुछ अन्य वस्तुओं पर शुल्क तत्काल समाप्त होगा और कुछ पर 3, 5, 7 या 10 साल में चरणबद्ध कटौती होगी। इसलिए न्यूजीलैंड की वाइन पर मिलने वाली राहत धीरे-धीरे लागू होगी।
🥝 कीवी और सेब पर भी पड़ेगा असर
न्यूजीलैंड के प्रमुख उत्पादों में कीवी और सेब शामिल हैं। FTA में इन उत्पादों के लिए टैरिफ रेट कोटा (TRQ) का प्रावधान रखा गया है। यानी इन उत्पादों के लिए बाजार पहुंच पूरी तरह खुली नहीं है, बल्कि निर्धारित शर्तों और कोटा व्यवस्था के तहत होगी।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि 20 अक्टूबर से बाजार में आने वाला हर न्यूजीलैंड का सेब या कीवी तत्काल बहुत सस्ता हो जाएगा। वास्तविक खुदरा कीमत पर टैरिफ के अलावा आयात, परिवहन, टैक्स और बाजार की स्थितियों का भी असर पड़ेगा।
🇮🇳 भारत को न्यूजीलैंड में 100% ड्यूटी-फ्री एक्सेस
FTA का बड़ा फायदा भारतीय निर्यातकों को मिलेगा। समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले 100% निर्यात को ड्यूटी-फ्री बाजार पहुंच मिलेगी। इससे भारतीय टेक्सटाइल, कपड़ा, चमड़ा, फुटवियर, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और प्रोसेस्ड फूड जैसे क्षेत्रों के लिए अवसर बढ़ सकते हैं।
इसका मतलब यह है कि समझौते का एक बड़ा हिस्सा भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने से जुड़ा है।
💰 न्यूजीलैंड भारत में करेगा 20 अरब डॉलर का निवेश
भारत-न्यूजीलैंड FTA में अगले 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता भी शामिल है। यह निवेश विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, इनोवेशन, कृषि और अन्य क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से है।
सरकारी जानकारी के मुताबिक समझौते में निवेश, सेवाओं और पेशेवरों तथा छात्रों की आवाजाही से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।
🎓 भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए क्या बदलेगा?
FTA में भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए भी कई प्रावधान हैं। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई के दौरान कम से कम 20 घंटे प्रति सप्ताह काम करने की व्यवस्था और कुछ श्रेणियों में पढ़ाई के बाद काम करने के अवसरों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
इसके अलावा कुछ पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार और वर्क-हॉलिडे वीजा से जुड़े रास्ते भी बनाए गए हैं।
📈 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
भारत और न्यूजीलैंड ने आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार दोनों देश अगले 4-5 वर्षों में वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को करीब 35,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य रख रहे हैं।
न्यूजीलैंड के सरकारी व्यापार निकाय ने भी 2030 तक दोनों तरफ के व्यापार को दोगुना करने की महत्वाकांक्षा का उल्लेख किया है।




























