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Armaan Sandhu Murder Case: अरमान संधू हत्याकांड में दो दोषियों को उम्रकैद, 2 करोड़ की मांगी थी फिरौती

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Armaan Sandhu kidnapping and murder case verdict Fazilka court two convicts sentenced to life imprisonment
अरमान संधू अपहरण और हत्या मामले में करीब सात साल बाद अदालत का फैसला।

पंजाब के फाजिल्का में वर्ष 2019 के चर्चित अरमान संधू अपहरण और हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। सेशन अदालत ने इस मामले में दोषी ठहराए गए सुनील कुमार और पवन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। करीब सात साल पुराने इस मामले में आए फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद को नई मजबूती मिली है।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत पाल सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया। यह मामला 18 अक्टूबर 2019 का है, जब घर के बाहर खेल रहे नाबालिग अरमान संधू का अपहरण कर लिया गया था।

बच्चे की रिहाई के बदले मांगी थी 2 करोड़ रुपये की फिरौती

मामले के अनुसार, आरोपियों ने अरमान संधू का अपहरण करने के बाद उसके परिवार से बच्चे की रिहाई के बदले 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।

आरोपियों ने बच्चे को अपने कब्जे में रखा और परिवार से बड़ी रकम की मांग की थी। मामले ने उस समय इलाके में काफी चर्चा बटोरी थी।

पहचान खुलने के डर से कर दी थी बच्चे की हत्या

अभियोजन पक्ष के मामले के अनुसार, आरोपियों ने पहचान उजागर होने के डर से अरमान की हत्या कर दी थी। इसके बाद बच्चे के शव को जमीन में दबा दिया गया था।

इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। अपहरण और फिरौती से शुरू हुआ यह मामला अंततः बच्चे की हत्या तक पहुंच गया।

सुनील कुमार और पवन कुमार को उम्रकैद की सजा

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत पाल सिंह की अदालत ने सुनील कुमार और पवन कुमार को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

अदालत ने दोनों पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस तरह दोनों दोषियों पर कुल 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

2019 में दर्ज हुई थी एफआईआर

अरमान संधू अपहरण और हत्या मामले में 18 अक्टूबर 2019 को थाना सिटी-2 अबोहर में एफआईआर नंबर 129 दर्ज की गई थी। इस मामले में लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया चली।

अब अदालत के फैसले के साथ करीब सात साल पुराने इस चर्चित मामले में महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय सामने आया है।

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