पंजाब की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार, 2 नवंबर को पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सुंदर शाम अरोड़ा से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई का दायरा उनके बेटे प्रतीक अरोड़ा और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कुछ लोगों तथा समूहों तक भी पहुंचा है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईडी की टीमों ने पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर तलाशी ली। इनमें होशियारपुर स्थित सुंदर शाम अरोड़ा का आवास, उनके बेटे प्रतीक अरोड़ा से जुड़े ठिकाने और Marbella Group तथा Gulmohar Township Group से संबंधित परिसर शामिल बताए गए हैं। कारोबारी संजीव जुनेजा से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की खबर है।
किस मामले में हो रही है जांच?
बताया जा रहा है कि ईडी की यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। जांच का संबंध पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा पहले दर्ज किए गए कथित भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों के साथ-साथ पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (PSIEC) के औद्योगिक प्लॉट आवंटन और उनके स्वामित्व में हुए बदलावों से जुड़ी कथित अनियमितताओं से है।
जांच के दायरे में मोहाली की जमीन से जुड़ा एक मामला भी बताया जा रहा है। रिपोर्टों में जालंधर कॉटन एंड टेक्सटाइल (JCT) इलेक्ट्रॉनिक्स की परिसमाप्त कंपनी की करीब 31 एकड़ जमीन को निजी रियल एस्टेट परियोजना के लिए बेचे जाने के आरोपों का उल्लेख किया गया है। इन मामलों में जांच एजेंसियां दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
बेटे और रियल एस्टेट समूहों की भूमिका भी जांच के दायरे में
ईडी की कार्रवाई में प्रतीक अरोड़ा के अलावा Marbella Group, Gulmohar Township Group और उनसे जुड़े प्रमोटरों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, इन सभी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उनकी भूमिका को लेकर जांच जारी है। किसी भी व्यक्ति या कंपनी को दोषी ठहराने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
वकील ने दस्तावेज मांगे जाने की बात कही
सुंदर शाम अरोड़ा के वकील एचएस सैनी के अनुसार, जांच टीम ने कुछ दस्तावेज मांगे थे और उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड सौंप दिए गए। दूसरी ओर, कुछ मीडिया रिपोर्टों में अधिकारियों द्वारा तलाशी के उद्देश्य के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दिए जाने की बात भी कही गई है।
सुंदर शाम अरोड़ा के आवास पर इससे पहले आयकर विभाग भी करीब 62 घंटे तक तलाशी अभियान चला चुका है। उस समय अरोड़ा ने दावा किया था कि कार्रवाई उनके बेटे के प्रॉपर्टी कारोबार से संबंधित थी और जांच में कुछ भी गैरकानूनी नहीं मिला था।
फिलहाल ईडी की ताजा कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति और रियल एस्टेट क्षेत्र में इस मामले पर नजर बनी हुई है। जांच एजेंसी की पड़ताल और आगे सामने आने वाले तथ्यों से ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।




























