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Saurabh Rajput Murder Case: नीला ड्रम, चाकू और खून से सनी चादर बने बड़े सबूत, कोर्ट में खुली पूरी कहानी

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सौरभ राजपूत हत्याकांड में नीले ड्रम और अन्य सबूतों की कोर्ट में पेशी
सौरभ राजपूत हत्याकांड की सुनवाई के दौरान नीला ड्रम और अन्य कथित साक्ष्य अदालत में पेश किए गए।

सौरभ राजपूत हत्याकांड की सुनवाई के दौरान अदालत में मामले से जुड़े कई अहम साक्ष्य पेश किए गए। इनमें नीला प्लास्टिक ड्रम, हत्या में इस्तेमाल बताए गए हथियार, खून से सनी चादर और गद्दे के टुकड़े शामिल हैं।

अदालत में जांच के दौरान बरामद सामान और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों के बारे में भी जानकारी दी गई। अभियोजन पक्ष ने बताया कि घटनास्थल की कार्रवाई की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य एप के जरिए की गई थी।

नीले ड्रम में मिला था शव

विवेचक इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी ने अदालत में बताया कि 18 मार्च 2025 को साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी की निशानदेही पर सौरभ का शव बरामद किया गया था।

जांच के मुताबिक शव को नीले प्लास्टिक के ड्रम में सीमेंट और रेत के जरिए छिपाया गया था।

ड्रम को घटनास्थल पर काटने की व्यवस्था नहीं होने के कारण मोर्चरी ले जाया गया। वहां ड्रम काटकर शव निकाला गया और आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।

कोर्ट में पेश किए गए ये सामान

सुनवाई के दौरान ड्रम के कटे हुए हिस्से और ढक्कन के अलावा घटनास्थल से बरामद कई वस्तुएं अदालत के सामने रखी गईं।

इनमें—

  • खून से सनी चादर
  • गद्दे का टुकड़ा
  • खाली दवा की शीशी
  • कथित हत्या में इस्तेमाल उस्तरा
  • बड़ा स्टील का चाकू

शामिल बताए गए।

बचाव पक्ष ने जांच पर उठाए सवाल

बचाव पक्ष की ओर से नीले ड्रम की फोरेंसिक जांच, ड्रम पर लगे दस्तावेजों और स्वतंत्र गवाहों को लेकर सवाल उठाए गए।

बचाव पक्ष ने यह भी सवाल किया कि घनी आबादी वाले इलाके में स्थित मकान के आसपास रहने वाले मकान मालिक या अन्य किरायेदारों को स्वतंत्र गवाह के तौर पर क्यों शामिल नहीं किया गया।

फिंगरप्रिंट और DNA को लेकर भी सवाल

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने जांच में कथित कमियों का उल्लेख करते हुए कहा कि घटनास्थल से फिंगरप्रिंट नहीं लिए गए और DNA परीक्षण नहीं कराया गया।

इसके अलावा फोन से जुड़े अतिरिक्त साक्ष्य, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को लेकर भी सवाल उठाए गए।

विवेचक ने क्या बताया?

विवेचक ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान कार्रवाई की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य एप से की गई थी और उसका विवरण केस डायरी में दर्ज किया गया था।

वहीं, सुनवाई में यह भी सामने आया कि सौरभ की मां रेनू की कॉल डिटेल नहीं निकलवाई गई थी और कुछ अन्य जांच प्रक्रियाओं से जुड़ी वीडियोग्राफी भी नहीं की गई।

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