पंजाब में CBI की कार्रवाई ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुमान और पांच अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए FIR दर्ज की है। इसके साथ ही एजेंसी ने पंजाब और चंडीगढ़ में आठ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।
यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उस निर्देश के बाद सामने आया है, जिसमें ED से प्राप्त सामग्री के आधार पर CBI को FIR दर्ज कर जांच करने को कहा गया था। हाई कोर्ट ने CBI से दो महीने के भीतर जांच की रिपोर्ट देने को भी कहा है।
पोस्टिंग से लेकर टेंडर तक जांच
CBI की जांच का दायरा काफी व्यापक बताया गया है। एजेंसी के अनुसार आरोपों में IAS और IPS अधिकारियों की पोस्टिंग को प्रभावित करने के साथ-साथ विभागीय कार्यवाही, नीतियां बनाने, प्रशासनिक मंजूरी, टेंडर की शर्तों और लाइसेंस से जुड़े मामलों में कथित हस्तक्षेप शामिल है।
इसके अलावा जमीन के इस्तेमाल में बदलाव, संपत्ति विवाद, राजस्व और भूमि से जुड़े मामलों में कथित तौर पर आर्थिक लाभ लेकर प्रभाव डालने के आरोपों की भी जांच होगी।
सरकारी दस्तावेजों को लेकर भी गंभीर आरोप
CBI ने अपनी जांच में यह आरोप भी शामिल किया है कि कुछ सरकारी आदेशों और नीतियों के ड्राफ्ट उनके आधिकारिक तौर पर जारी होने से पहले निजी लोगों तक पहुंचाए गए। एजेंसी अब जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
किन-किन जगहों पर पहुंची CBI?
मंगलवार को CBI ने चंडीगढ़ के अलावा मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में आरोपियों से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली। चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस पर भी कार्रवाई हुई, जबकि OSD राजबीर घुमान के संगरूर स्थित घर पर भी CBI टीम पहुंची।
तलाशी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पंजाब सरकार की प्रतिक्रिया भी अहम
CBI कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए केंद्र की एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के CBI जांच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात भी कही है।
फिलहाल CBI की जांच जारी है। मामले में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं और इनकी अंतिम पुष्टि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।
























