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India-Pakistan UN Row: UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा, पेटल गहलोत बोलीं- ‘सेना की, सेना द्वारा और सेना के लिए सरकार’

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Petal Gahlot responds to Pakistan at United Nations General Assembly
UNGA में पाकिस्तान के बयान पर भारत की ओर से पेटल गहलोत ने Right of Reply के तहत जवाब दिया।

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संबोधन के बाद भारत ने Right of Reply के तहत जवाब दिया। भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के राजनीतिक तंत्र, आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत का पक्ष रखा।

पेटल गहलोत ने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत के आकलन के अनुसार वहां सेना की भूमिका बेहद प्रभावशाली है। उन्होंने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि आतंकवाद जारी रहने के परिणाम होंगे।

‘सेना की, सेना द्वारा और सेना के लिए सरकार’

पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के लोकतंत्र और मानवाधिकारों से जुड़े बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां की व्यवस्था को लेकर दुनिया को यह भ्रम नहीं होना चाहिए कि वास्तविक शक्ति किसके पास है।

उन्होंने पाकिस्तान की सरकार को “सेना की, सेना द्वारा और सेना के लिए” व्यवस्था बताया। गहलोत ने पाकिस्तान के 27वें संवैधानिक संशोधन का भी जिक्र किया और इसे सैन्य नेतृत्व की भूमिका से जोड़कर भारत का तर्क रखा।

27वें संविधान संशोधन का भी किया जिक्र

भारत की ओर से पाकिस्तान के 27वें संवैधानिक संशोधन को लेकर भी सवाल उठाए गए। गहलोत ने कहा कि इस संशोधन में पाकिस्तान के सेना प्रमुख और Chief of Defence Forces फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से जुड़े कानूनी प्रावधानों को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

भारतीय पक्ष ने इसे पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था में सैन्य प्रभाव के उदाहरण के तौर पर पेश किया।

कश्मीर पर भारत ने फिर दोहराया अपना रुख

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा संयुक्त राष्ट्र में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के बाद भारत ने अपने पुराने रुख को दोहराया।

पेटल गहलोत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की स्थिति का भी उल्लेख किया और वहां कथित हिंसा तथा अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए।

9/11 और ओसामा बिन लादेन का भी जिक्र

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी का भी संदर्भ दिया। पेटल गहलोत ने कहा कि हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के एबटाबाद में पाकिस्तान की प्रमुख सैन्य अकादमी के नजदीक रह रहा था।

गहलोत ने इस संदर्भ का इस्तेमाल पाकिस्तान की आतंकवाद से जुड़ी नीतियों पर सवाल उठाने के लिए किया।

आतंकवाद पर भारत की सीधी चेतावनी

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में सीमा पार आतंकवाद को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। पेटल गहलोत ने कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने का अधिकार है और वह इसका इस्तेमाल जारी रखेगा।

उन्होंने पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और इसे पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई बताया था।

गहलोत ने कहा कि अगर आतंकवाद जारी रहता है तो उसके परिणाम होंगे। यह भारत सरकार की ओर से संयुक्त राष्ट्र में दिया गया आधिकारिक रुख था।

धार्मिक अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर भी पाकिस्तान को घेरा

भारत ने पाकिस्तान के धार्मिक सहिष्णुता और मानवाधिकारों से जुड़े बयानों पर भी सवाल उठाए। गहलोत ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति और ईशनिंदा कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपने यहां की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। ये टिप्पणियां भारत की ओर से पाकिस्तान के UNGA भाषण के जवाब में की गईं।

शहबाज शरीफ ने UN में क्या कहा था?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने UNGA संबोधन में जम्मू-कश्मीर और सिंधु जल संधि समेत कई मुद्दे उठाए थे। उन्होंने 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की भी तारीफ की थी।

भारत ने उनके इस आकलन को स्वीकार नहीं किया और Right of Reply के जरिए अपने पक्ष को संयुक्त राष्ट्र महासभा के सामने रखा।

UN में फिर आमने-सामने आए भारत-पाकिस्तान

UNGA में भारत और पाकिस्तान के बीच यह ताजा जुबानी टकराव कश्मीर, आतंकवाद, सैन्य भूमिका और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के अलग-अलग रुख को सामने लाता है।

भारत ने जहां आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति और आत्मरक्षा के अधिकार को दोहराया, वहीं पाकिस्तान लगातार कश्मीर और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाता रहा है। इस ताजा घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बयानबाजी एक बार फिर सुर्खियों में है।

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