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कंधार हाईजैक की तस्वीर फिर वायरल, 7 विदेशियों को मिली विदेश जाने की अनुमति के बाद क्यों मचा चर्चा?

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7 विदेशी नागरिकों को विदेश जाने की कोर्ट से अनुमति और कंधार हाईजैक से जुड़ी वायरल तस्वीर
म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में 7 विदेशी नागरिकों को एक महीने के लिए अमेरिका और यूक्रेन जाने की अनुमति के बाद कंधार हाईजैक से जोड़कर तस्वीर वायरल हो रही है।

नई दिल्ली: म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में तिहाड़ जेल में बंद रहे 7 विदेशी नागरिकों को दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष NIA कोर्ट से विदेश जाने की अनुमति मिली है। कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैंडीके को अमेरिका और छह यूक्रेनी नागरिकों को यूक्रेन जाने की अनुमति दी है। यह अनुमति एक महीने के लिए है और इसके साथ कई कानूनी शर्तें भी लगाई गई हैं।

कोर्ट के आदेश के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसे यूजर्स 1999 के कंधार हाईजैक और मसूद अजहर की रिहाई से जोड़ रहे हैं। हालांकि, वायरल तस्वीर में किए जा रहे दावों और मौजूदा मामले के बीच अंतर समझना जरूरी है।

7 विदेशी नागरिकों को क्या राहत मिली?

विशेष NIA जज प्रशांत शर्मा ने मैथ्यू आरोन वैंडीके और छह यूक्रेनी नागरिकों को एक महीने के लिए अपने-अपने देशों में परिवार से मिलने जाने की अनुमति दी।

वैंडीके को अमेरिका और छह यूक्रेनी नागरिकों को यूक्रेन जाने की अनुमति दी गई है। कोर्ट ने उनके पासपोर्ट जारी करने का भी निर्देश दिया।

कोर्ट ने साफ किया कि उन्हें निर्धारित अवधि के बाद भारत लौटना होगा। उन्हें वापसी के बाद 72 घंटे के भीतर कोर्ट को जानकारी देने और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस या व्यक्तिगत रूप से NIA की जांच में शामिल होना होगा।

कौन हैं ये 7 विदेशी नागरिक?

इस मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैंडीके के अलावा छह यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार उनके नाम Hurba Petro, Slyviak Taras, Ivan Sukmanovskyi, Stefankiv Marian, Honcharuk Maksim और Kaminskyi Viktor हैं।

इन सभी को मामले में पहले ही डिफॉल्ट जमानत मिल चुकी थी। NIA की आगे की जांच जारी है।

क्या है म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामला?

NIA ने मार्च 2026 में सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के आरोपों के अनुसार, ये लोग म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़े ट्रेनिंग और ड्रोन से संबंधित गतिविधियों के मामले की जांच के दायरे में आए थे।

सितंबर में दाखिल चार्जशीट में NIA ने Immigration and Foreigners Act की धाराओं 21 और 23 के तहत आरोप लगाए, जबकि उस चार्जशीट में UAPA की धाराएं शामिल नहीं की गईं। NIA ने यह भी कहा था कि मामले की जांच जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे पूरक कार्रवाई की जा सकती है।

कोर्ट के आदेश के बाद कंधार हाईजैक की तस्वीर वायरल

इन सात विदेशी नागरिकों को विदेश जाने की अनुमति मिलने के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से शेयर की जा रही है। इसमें एक तरफ 1999 के कंधार विमान अपहरण मामले और दूसरी तरफ मौजूदा मामले की तस्वीरों को जोड़कर तुलना की गई है।

वायरल पोस्ट में अजीत डोभाल और मसूद अजहर का भी उल्लेख किया गया है। सोशल मीडिया यूजर्स इस तस्वीर के जरिए दोनों घटनाओं को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, मौजूदा मामले में कोर्ट का आदेश सात आरोपियों को एक महीने के लिए विदेश जाकर परिवार से मिलने की अनुमति से संबंधित है, जबकि 1999 का IC-814 मामला एक विमान अपहरण और यात्रियों की रिहाई के लिए आतंकवादियों की मांगों से जुड़ा अलग घटनाक्रम था। इसलिए दोनों घटनाओं को एक जैसा मानना उचित नहीं होगा।

क्या था 1999 का कंधार हाईजैक?

24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 का अपहरण कर लिया गया था। विमान को आखिरकार अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था।

यात्रियों की सुरक्षित रिहाई के लिए भारत सरकार ने अपहरणकर्ताओं की मांगों पर बातचीत की थी। इस घटनाक्रम में भारत ने तीन आतंकवादियों को रिहा किया था, जिनमें मसूद अजहर भी शामिल था।

बाद में मसूद अजहर ने जैश-ए-मोहम्मद संगठन की स्थापना की। कंधार हाईजैक और उसके बाद की घटनाएं आज भी भारतीय सुरक्षा और आतंकवाद के इतिहास में महत्वपूर्ण विषय बनी हुई हैं।

वायरल तस्वीर में अजीत डोभाल का जिक्र क्यों?

वायरल पोस्ट में मौजूदा NSA अजीत डोभाल का नाम भी दिखाई दे रहा है। डोभाल उस समय इंटेलिजेंस ब्यूरो से जुड़े अधिकारी थे और कंधार संकट के दौरान भारतीय पक्ष की बातचीत से उनका नाम जोड़ा जाता रहा है।

लेकिन मौजूदा 2026 के मामले में वायरल तस्वीर के जरिए जो राजनीतिक तुलना की जा रही है, वह सोशल मीडिया यूजर्स की व्याख्या है। कोर्ट के वास्तविक आदेश का विषय सात विदेशी आरोपियों को निर्धारित शर्तों के तहत एक महीने के लिए विदेश जाने की अनुमति देना है।

जांच अभी भी जारी

कोर्ट के सामने NIA ने बताया कि मामले की आगे की जांच चल रही है। एजेंसी ने यह भी कहा कि फिलहाल जांच के लिए आरोपियों की तत्काल शारीरिक मौजूदगी जरूरी नहीं है। कोर्ट ने इसी के साथ यह शर्त रखी कि जरूरत पड़ने पर आरोपी जांच में शामिल होंगे।

इस तरह 7 विदेशी नागरिकों को मिली विदेश जाने की अनुमति के बाद सोशल मीडिया पर 1999 के कंधार हाईजैक से जुड़ी तस्वीर चर्चा में आ गई है। हालांकि दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग हैं और मौजूदा मामले में NIA की जांच अभी जारी है।

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