
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बुधवार रात आसमान में दिखाई दी एक रहस्यमयी चमकीली वस्तु ने Pakistan Missile Test को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में आसमान में एक तेज रोशनी के साथ लंबा ट्रेल दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नजारा नुश्की और खारान जैसे इलाकों से दिखाई दिया। सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे पाकिस्तान की संभावित बैलिस्टिक या हाइपरसोनिक मिसाइल गतिविधि से जोड़ना शुरू कर दिया। हालांकि, अब तक पाकिस्तान की ओर से इस कथित मिसाइल परीक्षण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
आसमान में क्या दिखाई दिया?
23 सितंबर की रात बलूचिस्तान के कुछ इलाकों में एक चमकीली वस्तु आसमान से गुजरती हुई दिखाई देने की रिपोर्ट सामने आई। वायरल वीडियो में इसके पीछे रोशनी या धुएं जैसी लंबी लकीर नजर आने का दावा किया जा रहा है।
इसी वजह से सोशल मीडिया पर इसे संभावित मिसाइल लॉन्च या बैलिस्टिक मिसाइल की गतिविधि से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध फुटेज के आधार पर किसी हथियार की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
IRBM या ICBM की भी चर्चा
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स और रिपोर्ट्स में यह सवाल उठाया गया कि अगर यह वास्तव में मिसाइल गतिविधि थी तो क्या यह IRBM (Intermediate-Range Ballistic Missile) या ICBM (Intercontinental Ballistic Missile) से जुड़ी हो सकती है।
कुछ चर्चाओं में हाइपरसोनिक क्षमता और री-एंट्री व्हीकल जैसी संभावनाओं का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दावों के समर्थन में अभी तक कोई आधिकारिक तकनीकी जानकारी सामने नहीं आई है।
पाकिस्तान ने नहीं दी आधिकारिक जानकारी
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पाकिस्तान की सैन्य मीडिया विंग ISPR की ओर से इस कथित मिसाइल टेस्ट को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित या कथित मिसाइल टेस्ट के तौर पर ही देखा जा रहा है।
पहले भी बलूचिस्तान में दिखा था ऐसा नजारा
बलूचिस्तान में आसमान में असामान्य रोशनी या ट्रेल दिखाई देने के बाद मिसाइल टेस्ट की अटकलें पहले भी सामने आ चुकी हैं।
अक्टूबर 2025 में क्वेटा के ऊपर एक असामान्य दृश्य को लेकर भी पाकिस्तान के मिसाइल या हाइपरसोनिक टेस्ट की चर्चा हुई थी। हालांकि, बाद में पाकिस्तान मौसम विभाग ने उसे lenticular cloud formation बताया था। AFP की फैक्ट-चेक रिपोर्ट ने भी वायरल तस्वीरों को मिसाइल लॉन्च का प्रमाण नहीं माना था।
इसलिए मौजूदा मामले में भी वायरल वीडियो और तस्वीरों को आधिकारिक पुष्टि के बिना मिसाइल टेस्ट का निर्णायक सबूत मानना जल्दबाजी होगी।
पाकिस्तान ने हाल में किए हैं मिसाइल सिस्टम के टेस्ट
पाकिस्तान ने 2026 में अपने मिसाइल सिस्टम से जुड़े कई ट्रेनिंग लॉन्च और परीक्षण किए हैं।
28 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के Army Rocket Force Command ने स्वदेशी रूप से विकसित Fateh-II Missile System का ट्रेनिंग लॉन्च किया था। पाकिस्तान के सरकारी रेडियो के अनुसार, इसका उद्देश्य सैनिकों की ट्रेनिंग, तकनीकी मानकों का सत्यापन और सिस्टम की परफॉर्मेंस का मूल्यांकन था।
इसके बाद 14 मई 2026 को Fatah-4 Ground Launched Cruise Missile की ट्रेनिंग फायरिंग की गई। पाकिस्तान के आधिकारिक बयान के अनुसार, इसमें आधुनिक एवियोनिक्स और नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया।
फिलहाल क्या है सच्चाई?
बलूचिस्तान के आसमान में दिखाई दी चमकीली वस्तु को लेकर Pakistan Missile Test की अटकलें जरूर तेज हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वह वास्तव में मिसाइल थी या कोई अन्य एयरोस्पेस/वायुमंडलीय घटना।
इसलिए जब तक पाकिस्तान की सेना या किसी विश्वसनीय आधिकारिक स्रोत की ओर से जानकारी सामने नहीं आती, IRBM, ICBM या हाइपरसोनिक मिसाइल टेस्ट के दावे को अपुष्ट ही माना जाना चाहिए।























