
पंजाब में ₹5 करोड़ के कथित रिश्वत आरोपों को लेकर सियासी विवाद और तेज हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा को कानूनी नोटिस भेजा है।
नोटिस के जरिए दोनों नेताओं से अपने बयानों और आरोपों को लेकर 24 घंटे के भीतर माफी मांगने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह पूरा विवाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस रणजीत सिंह की ओर से लगाए गए कथित आरोपों से जुड़ा है।
क्या है ₹5 करोड़ का पूरा विवाद?
अगस्त 2026 में सेवानिवृत्त जस्टिस रणजीत सिंह ने डॉ. गुरप्रीत कौर पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनके दावे के मुताबिक, एक रेप मामले में आरोपी से कथित तौर पर ₹5 करोड़ की मांग की गई थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि एक कारोबारी के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करवाने में मदद करने की पेशकश की गई थी।
इन आरोपों को डॉ. गुरप्रीत कौर पहले ही खारिज कर चुकी हैं।
मजीठिया ने सोशल मीडिया पर क्या किया दावा?
2 सितंबर को अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो-वीडियो साझा किया था। मजीठिया ने दावा किया कि इसमें आरोपी से जुड़े कथित बिचौलियों और डॉ. गुरप्रीत कौर के एक रिश्तेदार के बीच पैसों के लेनदेन से जुड़ी बातचीत है।
मजीठिया ने कथित बातचीत में पटियाला जेल में आरोपी को सुविधाएं मिलने और मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात से जुड़े दावे भी किए।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।
सुखपाल खैहरा ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने भी मजीठिया द्वारा साझा की गई कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया।
खैहरा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस के DGP से सवाल किया कि कथित तौर पर ₹5 करोड़ मांगने वाले व्यक्ति के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
खैहरा ने कुछ अन्य कथित सामग्री का भी जिक्र किया और मामले की जांच को लेकर सवाल उठाए।
गुरप्रीत कौर ने पहले रिटायर्ड जज को भी भेजा था नोटिस
यह पहली बार नहीं है जब डॉ. गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों के खिलाफ कानूनी कदम उठाया है।
23 अगस्त को उन्होंने सेवानिवृत्त जस्टिस रणजीत सिंह को भी कानूनी नोटिस भेजा था। इसमें ₹5 करोड़ से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए अपने बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई थी।
नोटिस में आरोपों के पीछे राजनीतिक मंशा होने का भी दावा किया गया था।
अब मजीठिया और खैहरा को नोटिस
अब इसी विवाद में गुरप्रीत कौर ने बिक्रम मजीठिया और सुखपाल खैहरा को भी कानूनी नोटिस भेजा है।
नोटिस में कथित आरोपों और सार्वजनिक बयानों को लेकर 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की गई है। ऐसा नहीं करने पर आगे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वहीं, सुखपाल खैहरा ने कहा है कि उन्हें कानूनी नोटिस मिला है, लेकिन वह इसका जवाब नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करना है तो कार्रवाई की जा सकती है।
NHRC ने भी मांगी थी रिपोर्ट
इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी NHRC का नाम भी सामने आया है। अगस्त में लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी की शिकायत के आधार पर आयोग ने मामले का संज्ञान लिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी और जवाब के लिए दो सप्ताह का समय दिया था।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि बिक्रम मजीठिया और सुखपाल खैहरा गुरप्रीत कौर की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस पर क्या कदम उठाते हैं।
दूसरी ओर, ₹5 करोड़ के कथित आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। फिलहाल मामले से जुड़े आरोपों और कथित ऑडियो-वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि तथा कानूनी प्रक्रिया के आगे बढ़ने का इंतजार है।





















