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नेपाल में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, चीन ने दी ‘वॉटर बम’ टूटने की चेतावनी; यूपी-बिहार में हाई अलर्ट

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नेपाल में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, चीन ने दी ‘वॉटर बम’ टूटने की चेतावनी; यूपी-बिहार में हाई अलर्ट
नेपाल में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, चीन ने दी ‘वॉटर बम’ टूटने की चेतावनी; यूपी-बिहार में हाई अलर्ट

नेपाल में भारी तबाही के बाद एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। चीन ने नेपाल-चीन सीमा के पास भोटेकोशी नदी प्रणाली में बनी एक नई झील को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। आशंका है कि झील के अचानक टूटने से निचले इलाकों में तेज बाढ़ आ सकती है। संभावित खतरे को देखते हुए नेपाल के साथ-साथ भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

चीन ने दी ‘वॉटर बम’ बनने की चेतावनी

नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के उद्गम क्षेत्र के पास एक नई झील बनने की जानकारी सामने आई है। नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग (DHM) के मुताबिक, चीन की ओर से इस बारे में नेपाल के विदेश मंत्रालय को जानकारी दी गई है।

चीनी अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार सुबह तक इस झील में करीब 20 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा हो चुका था। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में इसमें करीब 30 लाख क्यूबिक मीटर और पानी जमा हो सकता है। पानी का दबाव बढ़ने के साथ झील के टूटने का खतरा भी बढ़ गया है।

कहां बनी है यह झील?

बताया जा रहा है कि झील छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी है। ये दोनों नदियां तिब्बत से निकलती हैं और नेपाल में प्रवेश करने के बाद भोटेकोशी नदी प्रणाली का हिस्सा बनती हैं।

अगर झील अचानक टूटती है तो बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर तेजी से आ सकता है। इससे भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।

नेपाल सरकार ने लोगों को किया सतर्क

नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

लोगों से कहा गया है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और अगले आदेश तक सुरक्षित स्थानों पर रहें। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

यात्रियों, सुरक्षा बलों और खोज एवं बचाव अभियान में शामिल टीमों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

चीन कर रहा झील की निगरानी

चीनी अधिकारी लगातार इस झील की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। संभावित बाढ़ के असर का अनुमान लगाने के लिए बाढ़ सिमुलेशन और जोखिम का आकलन किया जा रहा है।

इसका उद्देश्य झील के टूटने की स्थिति में संभावित नुकसान का अनुमान लगाना और समय रहते आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारी करना है।

हाल की फ्लैश फ्लड के बाद बढ़ी चिंता

नेपाल में यह नया खतरा ऐसे समय सामने आया है जब देश के मध्य हिस्से में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई इलाकों में व्यापक नुकसान हुआ।

अब नई झील बनने की खबर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

चीन से बातचीत की मांग

नेपाल में इस खतरे को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबी लामिछाने की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में नेताओं ने सीमा पार ग्लेशियर और जलस्रोतों से जुड़े संभावित खतरों को लेकर चीन के साथ राजनयिक स्तर पर बातचीत की जरूरत बताई।

साथ ही नेपाल में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

भारत में भी बढ़ी चिंता, यूपी-बिहार के कई जिले अलर्ट

नेपाल में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है।

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर के अलावा बिहार के मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, वैशाली और गोपालगंज में प्रशासन को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

महाराजगंज में नदियों के जलस्तर पर नजर

महाराजगंज में वरिष्ठ अधिकारियों को संवेदनशील नदी किनारे वाले इलाकों में तैनात किया गया है। प्रशासन गंडक समेत नेपाल से पानी प्राप्त करने वाली नदियों और जलमार्गों के जलस्तर तथा बहाव की लगातार निगरानी कर रहा है।

नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों को संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।

लोगों से अपील—नदी के पास जाने से बचें

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता संभावित बाढ़ से पहले लोगों को सुरक्षित रखना है। नेपाल और भारत के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

स्थिति पर नेपाल और चीन के अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। अगर झील का जलस्तर तेजी से बढ़ता है या झील टूटती है, तो भोटेकोशी नदी के निचले इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा गंभीर रूप ले सकता है।

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