केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने कहा कि अब वह पहले की तरह ज्यादा काम नहीं कर सकते और कामकाज की जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है।
गडकरी ने सार्वजनिक जीवन में अपने करीब तीन दशक के अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने इस दौरान कई उतार-चढ़ाव देखे और कई उपलब्धियां भी हासिल कीं। अब उनका मानना है कि युवा पीढ़ी को आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभालने का अवसर मिलना चाहिए।
‘काम नई पीढ़ी को सौंप देना चाहिए’
कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि समय के साथ सार्वजनिक कार्यों में उनकी भागीदारी भी कम हुई है। उन्होंने कहा कि एक नई पीढ़ी सामने आ चुकी है और पुरानी पीढ़ी का काम उसका मार्गदर्शन करना है।
उन्होंने कहा, “काम नई पीढ़ी को सौंप दिया जाना चाहिए। एक नई पीढ़ी आ गई है और पुरानी पीढ़ी उनका मार्गदर्शन कर रही है।”
गडकरी ने आगे कहा कि वह पिछले 30 वर्षों से लगातार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। इस दौरान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे और कई सम्मान भी हासिल किए, लेकिन अब ज्यादा काम करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में नई पीढ़ी को काम करने का मौका मिलना चाहिए।
विकास कार्यों को लेकर भी गडकरी ने कही बड़ी बात
हालांकि, गडकरी ने अपने बयान में भविष्य के विकास कार्यों को लेकर भी अपना विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में काम का दायरा और बढ़ेगा।
उनका जोर महाराष्ट्र के आदिवासी इलाकों में विकास पहुंचाने पर है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि राज्य का कोई भी आदिवासी गांव बिजली से वंचित न रहे और महाराष्ट्र के हर हिस्से में विकास दिखाई दे।
बीजेपी में पीढ़ीगत बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा बयान
गडकरी का यह बयान ऐसे समय आया है जब बीजेपी के संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिले हैं। पार्टी ने पिछले सप्ताह नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया है।
65 सदस्यों वाली नई टीम में 51 नए चेहरों को शामिल किया गया है। इसे बीजेपी संगठन में पीढ़ीगत बदलाव के महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
ऐसे में गडकरी का नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने वाला बयान राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। हालांकि, उनके बयान को किसी पद या जिम्मेदारी छोड़ने की घोषणा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। गडकरी ने मुख्य रूप से सार्वजनिक जीवन में नई पीढ़ी की भूमिका और जिम्मेदारियां बढ़ाने की बात कही है।



























