ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के बहावलपुर में क्षतिग्रस्त हुए जैश-ए-मोहम्मद के मरकज सुभानअल्लाह परिसर को दोबारा तैयार किए जाने का दावा सामने आया है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, परिसर में बड़े पैमाने पर मरम्मत का काम किया गया है और क्षतिग्रस्त हिस्सों को फिर से बनाया गया है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मरकज सुभानअल्लाह के क्षतिग्रस्त गुंबद की मरम्मत की गई है। इसके अलावा इमारत में नया संगमरमर और प्लास्टर लगाया गया है और कई हिस्सों में दोबारा पेंट किया गया है। पूरी इमारत की दीवारों और अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों को भी ठीक किए जाने की बात कही गई है।
ऑपरेशन सिंदूर में हुआ था नुकसान
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
6-7 मई 2025 की रात भारत की ओर से किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहावलपुर स्थित मरकज सुभानअल्लाह को भी निशाना बनाए जाने और परिसर को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई थी।
25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की मदद का दावा
इंडिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मरकज की मरम्मत के लिए पाकिस्तान सरकार की ओर से करीब 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये दिए गए। हालांकि, इस फंडिंग के दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, परिसर के कुछ अन्य हिस्सों में भी निर्माण और मरम्मत का काम जारी है। इनमें मदरसा अल-सबीर और जैश के कमांडरों के रहने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हिस्से शामिल बताए गए हैं।
जैश के लिए अहम परिसर बताया जाता रहा है
बहावलपुर का मरकज सुभानअल्लाह भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 100 किलोमीटर दूर बताया जाता है। रिपोर्टों में इसे जैश-ए-मोहम्मद के लिए महत्वपूर्ण परिसर के तौर पर बताया गया है।
करीब 18 एकड़ में फैले इस परिसर को उस्मान-ओ-अली कैंपस के नाम से भी जाना जाता है। यहां मस्जिद समेत कई अन्य सुविधाएं मौजूद हैं।
जैश के कई आतंकी हमलों से जुड़ा नाम
जैश-ए-मोहम्मद का नाम भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है। इनमें 2001 का संसद हमला, 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 का पुलवामा आत्मघाती हमला शामिल हैं।
रिपोर्टों में यह दावा भी किया जाता रहा है कि पुलवामा हमले की साजिश से जुड़े कुछ पहलुओं का संबंध बहावलपुर स्थित जैश के ठिकानों से था।
दोबारा निर्माण ने उठाए सवाल
ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्षतिग्रस्त हुए इस परिसर में दोबारा निर्माण की खबर सामने आने से पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई और उनके ठिकानों की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल मरकज सुभानअल्लाह के पुनर्निर्माण और इसके लिए कथित सरकारी फंडिंग से जुड़े दावों पर स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।






















