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गणेश विसर्जन 2026: बप्पा की विदाई का सही समय क्या है? तीसरे, 5वें और 7वें दिन के शुभ मुहूर्त यहां नोट करें

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गणेश विसर्जन 2026: नदी में गणपति बप्पा की विदाई और शुभ मुहूर्त कॉपी
गणपति बप्पा की विदाई के लिए तीसरे, पांचवें, सातवें दिन और अनंत चतुर्दशी के शुभ मुहूर्त।

गणेश चतुर्थी के साथ घरों, मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। भक्त अपनी श्रद्धा और संकल्प के अनुसार डेढ़ दिन, तीसरे दिन, पांचवें दिन, सातवें दिन या अनंत चतुर्दशी पर गणपति बप्पा का विसर्जन करते हैं। इस दौरान भक्त पूरे विधि-विधान और भक्ति भाव के साथ बप्पा को विदाई देते हैं।

वर्ष 2026 में गणेश विसर्जन की अलग-अलग तिथियों पर शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। अगर आपने भी अपने घर में गणपति की स्थापना की है और विसर्जन की तैयारी कर रहे हैं, तो जानिए डेढ़ दिन, तीसरे, पांचवें, सातवें दिन और अनंत चतुर्दशी पर बप्पा की विदाई के लिए बताए गए शुभ समय।

डेढ़ दिन का गणेश विसर्जन कब करें?

जिन भक्तों ने 14 सितंबर 2026 को भगवान गणेश की स्थापना की है और डेढ़ दिन बाद विसर्जन करने का संकल्प लिया है, वे 15 सितंबर 2026 को विसर्जन कर सकते हैं।

15 सितंबर 2026 के बताए गए शुभ मुहूर्त:

  • दोपहर 12:18 बजे से 1:49 बजे तक — चर, लाभ और अमृत।
  • दोपहर 3:21 बजे से शाम 4:53 बजे तक — शुभ।
  • शाम 7:53 बजे से रात 9:21 बजे तक — लाभ।
  • रात 10:50 बजे के बाद — रात्रि का शुभ समय।

तीसरे दिन गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त

अगर आपने गणपति बप्पा की स्थापना के तीसरे दिन विसर्जन करने का संकल्प लिया है, तो 16 सितंबर 2026 को निम्न बताए गए समय पर बप्पा की विदाई की जा सकती है।

16 सितंबर 2026 के शुभ समय:

  • सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक — शुभ।
  • दोपहर 3:21 बजे से शाम 6:24 बजे तक — चर और लाभ।
  • शाम 7:52 बजे से रात 12:17 बजे तक — शुभ, अमृत और चर।

पांचवें दिन गणेश विसर्जन का शुभ समय

पांचवें दिन गणपति विसर्जन करने वाले भक्त 18 सितंबर 2026 को बताए गए इन शुभ मुहूर्तों में बप्पा को विदाई दे सकते हैं।

18 सितंबर 2026 के शुभ मुहूर्त:

  • सुबह 6:11 बजे से 10:45 बजे तक — चर, लाभ और अमृत।
  • दोपहर 12:17 बजे से 1:48 बजे तक — शुभ।
  • शाम 4:51 बजे से 6:22 बजे तक — चर।
  • रात 9:19 बजे से 10:48 बजे तक — लाभ।

सातवें दिन गणेश विसर्जन का मुहूर्त

जिन घरों में सातवें दिन गणपति विसर्जन की परंपरा है, वहां 20 सितंबर 2026 को बताए गए इन शुभ समय पर बप्पा की विदाई की जा सकती है।

20 सितंबर 2026 के शुभ समय:

  • सुबह 7:42 बजे से दोपहर 12:16 बजे तक — चर, लाभ और अमृत।
  • दोपहर 1:47 बजे से 3:18 बजे तक — शुभ।
  • शाम 6:21 बजे से रात 10:47 बजे तक — शुभ, अमृत और चर।

अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन कब होगा?

गणेश विसर्जन के लिए अनंत चतुर्दशी का दिन विशेष धार्मिक महत्व रखता है। दिए गए समाचार-पाठ के अनुसार, वर्ष 2026 में अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को है। इस दिन बड़ी संख्या में भक्त गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन करते हैं।

25 सितंबर 2026 के बताए गए शुभ मुहूर्त:

  • सुबह 6:11 बजे से 10:42 बजे तक — चर, लाभ और अमृत।
  • दोपहर 12:13 बजे से 1:44 बजे तक — शुभ।
  • शाम 4:45 बजे से 6:15 बजे तक — चर।
  • रात 9:14 बजे से 10:44 बजे तक — लाभ।

गणेश विसर्जन की सरल विधि क्या है?

गणपति बप्पा को विदाई देने से पहले भक्तों को श्रद्धा और विधि-विधान के साथ पूजा करनी चाहिए। विसर्जन की सामान्य विधि इस प्रकार है:

  1. सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें फूल, दूर्वा, फल तथा अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग अर्पित करें।
  2. गणपति बप्पा की आरती करें और परिवार के साथ सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
  3. प्रतिमा को सम्मानपूर्वक उठाकर विसर्जन स्थल तक ले जाएं।
  4. विसर्जन से पहले भगवान गणेश से परिवार की खुशहाली और सभी संकटों को दूर करने की प्रार्थना करें।
  5. पर्यावरण का ध्यान रखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित और अधिकृत विसर्जन स्थल का उपयोग करें।
  6. श्रद्धापूर्वक विसर्जन करते हुए ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ का जयकारा लगाएं।

गणेश विसर्जन के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

गणपति बप्पा की विदाई श्रद्धा के साथ-साथ सुरक्षित तरीके से भी करनी चाहिए। विसर्जन के लिए स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। नदी, तालाब या झील में विसर्जन करते समय सुरक्षा का ध्यान रखें और केवल अनुमत प्रतिमाओं तथा निर्धारित स्थलों का उपयोग करें।

निष्कर्ष

गणेश विसर्जन 2026 के लिए डेढ़ दिन, तीसरे, पांचवें, सातवें दिन और अनंत चतुर्दशी के अलग-अलग मुहूर्त बताए गए हैं। भक्त अपने संकल्प, पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार बप्पा की विदाई कर सकते हैं। विसर्जन से पहले पूजा-अर्चना करें और पर्यावरण तथा सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।

गणपति बप्पा मोरया! अगले बरस तू जल्दी आ!

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