पंजाब में आगामी राजनीतिक सरगर्मी के बीच शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने एसएडी-भाजपा गठबंधन की संभावनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और यहाँ के सामाजिक ताने-बाने और आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए यह सोचना जरूरी है कि दोनों दल अतीत में मिलकर काम कर चुके हैं।

बयान के मुख्य बिंदु:ऐतिहासिक संदर्भ: मजीठिया ने याद दिलाया कि अटल बिहारी वाजपेयी और प्रकाश सिंह बादल के समय से यह गठबंधन मजबूत हुआ था, जो नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भी जारी रहा।
कृषि कानूनों पर अलगाव: उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि कानूनों के मुद्दों पर दोनों दल अलग हुए थे।जनभावनाएं: सीमावर्ती राज्य की सुरक्षा, सामाजिक सौहार्द और जनता की भावनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि लोग दोनों पार्टियों को एक साथ देखना चाहते हैं।
अंतिम फैसला: गठबंधन होगा या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। हरसिमरत कौर बादल ने केवल आम लोगों की भावनाओं को व्यक्त किया है।



























