
पंजाब के जालंधर में हॉकी का रोमांच अपने चरम पर है। हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबलों के दौरान स्टेडियम में उमड़ रही दर्शकों की भीड़ और उनके उत्साह ने भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह का दिल जीत लिया है। उन्होंने कहा कि अपने ही राज्य में, परिवार और हजारों प्रशंसकों के सामने देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए बेहद गर्व और भावुकता का पल है।
ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले जा रहे टूर्नामेंट के दौरान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि उन्होंने इसी मैदान पर हॉकी खेलना शुरू किया था। अब उसी मैदान पर भारतीय टीम की कप्तानी करना उनके लिए बहुत खास अनुभव है।
उन्होंने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के उत्साह की तारीफ करते हुए कहा कि यहां का माहौल बेहद शानदार है। दर्शकों की आवाज और उनका समर्थन खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अपने परिवारों और परिचित लोगों के बीच खेलना इस अनुभव को और यादगार बना देता है।
जापान के खिलाफ मुकाबले से मिली अहम सीख
भारतीय कप्तान ने टीम के प्रदर्शन पर बात करते हुए कहा कि खिलाड़ी अच्छी लय में हैं। जापान के खिलाफ मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण था और ऐसे मैच खिलाड़ियों के धैर्य तथा मानसिक मजबूती की परीक्षा लेते हैं।
हरमनप्रीत के मुताबिक, शुरुआती तीन क्वार्टर में भारतीय टीम ने संयम बनाए रखा और विरोधी टीम को भी गोल करने का मौका नहीं दिया। अंतिम क्वार्टर में खिलाड़ियों ने खेल की गति बढ़ाई। उन्होंने कहा कि पूरे 60 मिनट तक ध्यान बनाए रखना और मजबूत मानसिकता के साथ खेलना बेहद जरूरी है।
मलेशिया के खिलाफ मुकाबला होगा अहम
आगामी मलेशिया मुकाबले को लेकर कप्तान ने कहा कि दोनों टीमों ने अपने तीन-तीन मैच जीते हैं और यह मुकाबला पूल में शीर्ष स्थान तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि हर टीम मजबूत है और भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान अपनी रणनीति तथा क्षमता के अनुसार बेहतर प्रदर्शन करने पर है। मलेशिया के खिलाफ पिछले मुकाबलों से भी टीम को काफी कुछ सीखने को मिला है।
हरमनप्रीत ने परिवार के साथ स्टेडियम पहुंचने की अपील की
भारतीय कप्तान ने बताया कि उनके दोस्त लगातार स्टेडियम की भीड़ और बाहर इंतजार कर रहे लोगों के वीडियो भेज रहे हैं। इससे पता चलता है कि पंजाब के लोगों में हॉकी के प्रति कितना प्यार है।
पंजाब पुलिस में डीएसपी के पद पर कार्यरत हरमनप्रीत सिंह ने दर्शकों से अपील की कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ स्टेडियम पहुंचें और भारतीय टीम का उत्साह बढ़ाएं।
उन्होंने पंजाबी में संदेश देते हुए कहा कि घरेलू मैदान पर दर्शकों का समर्थन खिलाड़ियों के लिए बहुत मायने रखता है। साथ ही बच्चों को खेलों से जुड़ने और हॉकी अपनाने की प्रेरणा भी मिलती है।



























