कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी पर बिहार से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने खरगे के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। वहीं पटना के कोतवाली थाने में खरगे के खिलाफ लिखित शिकायत भी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
बीजेपी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य कृष्णा सिंह कल्लू ने पटना के कोतवाली थाने में शिकायत देकर खरगे की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। मामले को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी, यह पुलिस की जांच और शिकायत की समीक्षा के बाद स्पष्ट होगा।
बीजेपी ने खरगे के बयान पर जताई नाराजगी
बीजेपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए कांग्रेस अध्यक्ष पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि खरगे की भाषा राजनीतिक विरोध की मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
बीजेपी का कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन नेताओं के परिवार और दिवंगत परिजनों को राजनीतिक बयानबाजी में शामिल करना उचित नहीं है।
अमित शाह ने भी साधा निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी खरगे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार को लेकर पहले भी कई आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध को नीतियों और मुद्दों तक सीमित रखा जाना चाहिए। शाह ने कांग्रेस पर लगातार चुनावी असफलताओं के चलते हताश होने का आरोप भी लगाया।
नितिन नवीन बोले- राजनीतिक विरोध की भी होती है मर्यादा
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी खरगे की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन इसकी अपनी एक गरिमा होती है।
नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास सरकार की नीतियों और विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा लेने के अलावा कोई मुद्दा नहीं बचा है।
सम्राट चौधरी ने कांग्रेस से माफी की मांग की
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे अनुचित बताया। उन्होंने कांग्रेस से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर देश से माफी मांगने की मांग की।
योगी आदित्यनाथ ने भी जताया विरोध
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी खरगे की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने इसे भारतीय राजनीतिक परंपरा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया और कांग्रेस से अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान पर कार्रवाई करने की मांग की।
शिवराज सिंह चौहान ने उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी खरगे के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं से सार्वजनिक मंच पर संयमित और मर्यादित भाषा की अपेक्षा होती है।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से भी सवाल किया कि क्या खरगे की टिप्पणी पार्टी की आधिकारिक सोच को दर्शाती है और क्या पार्टी इस पर कोई कार्रवाई करेगी।
शिकायत के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
खरगे की टिप्पणी को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साध रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पटना में शिकायत दर्ज होने से मामला राजनीतिक विवाद के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया की ओर भी बढ़ता दिखाई दे रहा है।
फिलहाल शिकायत पर पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई और कांग्रेस की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।



























