
Punjab Election 2027: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच अमृतपाल सिंह की अगुवाई वाले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) से जुड़ा बड़ा दावा सामने आया है। पार्टी नेता मनप्रीत सिंह इयाली के मुताबिक, अमृतपाल सिंह को आगामी विधानसभा चुनाव में दो अलग-अलग सीटों से मैदान में उतारने की तैयारी है।
इयाली के अनुसार, इन दोनों सीटों में एक माझा क्षेत्र और दूसरी मालवा क्षेत्र की हो सकती है। हालांकि, अभी तक दोनों विधानसभा सीटों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। यह जानकारी फिलहाल पार्टी नेता के दावे पर आधारित है और अंतिम सीटों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
अमृतपाल सिंह 2 सीटों से लड़ेंगे चुनाव?
मनप्रीत सिंह इयाली के दावे के मुताबिक, पार्टी के सामूहिक नेतृत्व ने अमृतपाल सिंह को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में दो सीटों से उतारने की रणनीति पर फैसला किया है। इनमें एक सीट माझा और दूसरी सीट मालवा क्षेत्र से होने की बात कही गई है।
हालांकि, दोनों सीटों के नाम अभी सामने नहीं आए हैं। पार्टी की ओर से सीटों की औपचारिक घोषणा होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अमृतपाल सिंह किन विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ेंगे।
इससे पहले भी अमृतपाल सिंह के 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा सामने आती रही है। अगस्त 2026 में द इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया था कि वारिस पंजाब दे के भीतर उन्हें माझा और मालवा से एक-एक सीट पर उतारने के विकल्प पर विचार चल रहा था। उस समय पार्टी के प्रवक्ता ने दूसरी सीट को लेकर अंतिम फैसला नहीं होने की बात कही थी।
कौन-कौन ले रहा है चुनावी फैसलों में हिस्सा?
मनप्रीत सिंह इयाली के मुताबिक, 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तरसेम सिंह खालसा, फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह खालसा और अन्य नेताओं की सामूहिक नेतृत्व व्यवस्था में चुनावी रणनीति पर चर्चा की जा रही है।
अमृतपाल सिंह वर्तमान में खडूर साहिब से सांसद हैं और 2024 का लोकसभा चुनाव उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीता था। 2027 के विधानसभा चुनाव में उनके उतरने की बात पार्टी की ओर से पहले भी सार्वजनिक रूप से कही जा चुकी है।
वारिस पंजाब दे की चुनावी तैयारियां तेज
2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए अमृतपाल सिंह से जुड़े संगठन ने राज्य में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की कोशिश तेज कर दी है।
जून 2026 में मनप्रीत सिंह इयाली ने वारिस पंजाब दे के साथ जुड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद संगठन की चुनावी गतिविधियों में उनकी भूमिका बढ़ी है।
अगस्त में संगठन ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपने शुरुआती उम्मीदवारों की घोषणा भी शुरू कर दी थी। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, उस समय संगठन के पास औपचारिक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण और चुनाव चिह्न नहीं था।
माझा और मालवा पर क्यों है फोकस?
पंजाब की राजनीति में माझा और मालवा दोनों महत्वपूर्ण क्षेत्र माने जाते हैं। अमृतपाल सिंह का लोकसभा क्षेत्र खडूर साहिब माझा क्षेत्र में आता है, जबकि वारिस पंजाब दे की गतिविधियां मालवा क्षेत्र में भी बढ़ी हैं।
द इंडियन एक्सप्रेस की अगस्त 2026 की रिपोर्ट में बताया गया था कि संगठन अमृतपाल सिंह के लिए मालवा और माझा दोनों क्षेत्रों में विकल्पों पर विचार कर रहा था। इनमें धुरी से मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ चुनाव लड़ने और तलवंडी साबो जैसी सीटों पर विचार किए जाने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई थी। हालांकि, उस समय दूसरी सीट को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं बताया गया था।
इयाली ने उठाया युवाओं और नशे का मुद्दा
मनप्रीत सिंह इयाली ने पंजाब में युवाओं और नशे से जुड़े मुद्दों को भी आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बताया।
उनका कहना है कि अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में युवाओं और नशे की समस्या को लेकर अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इयाली के मुताबिक, उनकी पार्टी इन मुद्दों को चुनावी अभियान में प्रमुखता से उठाएगी।
यह इयाली और उनकी पार्टी का राजनीतिक आकलन है। आने वाले महीनों में अलग-अलग राजनीतिक दल इन मुद्दों पर अपने-अपने प्रस्ताव और नीतियां सामने रख सकते हैं।
2027 चुनाव के लिए बढ़ रही राजनीतिक हलचल
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य में राजनीतिक दलों और नए राजनीतिक संगठनों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। वारिस पंजाब दे ने भी संगठन विस्तार और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हाल ही में पूर्व प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह के संगठन से जुड़ने की खबर सामने आई। इंडियन एक्सप्रेस ने 25 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में इसे संगठन के विस्तार की कवायद का हिस्सा बताया।
ऐसे में अमृतपाल सिंह को दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ाने का दावा पंजाब की 2027 चुनावी राजनीति में एक नया घटनाक्रम है। हालांकि, अंतिम सीटों के नाम और उम्मीदवार के तौर पर औपचारिक घोषणा का इंतजार है।


























