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राजा वड़िंग पर गिरफ्तारी की तलवार! SC आयोग का 5 दिन का अल्टीमेटम, जानें पूरा मामला

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राजा वड़िंग पर गिरफ्तारी की तलवार! SC आयोग का 5 दिन का अल्टीमेटम, जानें पूरा मामला
राजा वड़िंग पर गिरफ्तारी की तलवार! SC आयोग का 5 दिन का अल्टीमेटम, जानें पूरा मामला

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और दिवंगत कांग्रेस नेता बूटा सिंह को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने पंजाब पुलिस और प्रशासन पर सख्त रुख अपनाया है।

सोमवार, 31 अगस्त 2026 को मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने जांच और गिरफ्तारी में देरी पर गंभीर नाराजगी जताई। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक तत्काल कार्रवाई करने और पांच दिन के भीतर कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

राजा वड़िंग पर क्या है आरोप?

यह पूरा मामला 2025 के तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के दौरान एक चुनावी सभा में दिए गए कथित बयान से जुड़ा है। आरोप है कि राजा वड़िंग ने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और दलित नेता बूटा सिंह को लेकर आपत्तिजनक और कथित जातिसूचक टिप्पणी की थी।

मामले को लेकर बूटा सिंह के बेटे सरबजोत सिंह की ओर से शिकायत की गई थी। इसके बाद मामला राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सामने पहुंचा और आयोग ने इस पर संज्ञान लिया।

आयोग की सोमवार को हुई सुनवाई में सरबजोत सिंह भी मौजूद रहे, जबकि पंजाब पुलिस की ओर से डीएसपी हरप्रीत सिंह और डीएसपी गुलजार सिंह समेत अधिकारी पेश हुए।

SC आयोग ने पंजाब पुलिस को क्यों फटकारा?

सुनवाई के दौरान आयोग ने जांच में हो रही देरी और अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल उठाए। आयोग ने इससे पहले भी कार्रवाई को लेकर निर्देश दिए थे, लेकिन उसके मुताबिक Action Taken Report भी समय पर पेश नहीं की गई।

पुलिस अधिकारियों की ओर से जांच में देरी की वजह बताई गई। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार होने की बात कही थी। इसके बाद आयोग ने मामले में तेजी लाने के निर्देश दिए।

5 दिन में क्या करना होगा?

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि मामले में कानून के मुताबिक तत्काल गिरफ्तारी के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं और पांच दिन के भीतर की गई कार्रवाई की स्थिति आयोग को बताई जाए।

इसके साथ ही आयोग ने जांच को जल्द पूरा करने और सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल करने में और देरी नहीं करने को कहा है। जांच में जानबूझकर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और विभागीय कार्रवाई पर विचार करने की बात भी कही गई है।

बूटा सिंह के बेटे की सुरक्षा पर भी आयोग सख्त

सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता सरबजोत सिंह की सुरक्षा का मुद्दा भी उठा। आयोग ने कथित धमकियों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें और उनके आश्रितों को पंजाब और दिल्ली में तत्काल पर्याप्त पुलिस सुरक्षा देने की सिफारिश की है।

NCSC ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता, पीड़ित, गवाह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

2025 से चल रहा है पूरा विवाद

राजा वड़िंग और बूटा सिंह से जुड़ा यह विवाद नवंबर 2025 के दौरान सामने आया था। तरनतारन में चुनाव प्रचार के दौरान कथित टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हुआ था।

इसके बाद मामले को लेकर शिकायत और कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया और पंजाब पुलिस से जांच की प्रगति की जानकारी मांगी।

अब करीब एक साल बाद आयोग की ओर से एक बार फिर सख्त रुख अपनाए जाने से Punjab Politics में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

राजा वड़िंग की बढ़ सकती हैं कानूनी मुश्किलें

NCSC के ताजा निर्देश के बाद अब सबकी नजर पंजाब पुलिस की अगली कार्रवाई पर है। पांच दिन की समयसीमा में पुलिस को कार्रवाई की स्थिति आयोग के सामने रखनी होगी।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि आयोग की ओर से की गई सिफारिश और निर्देशों के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित पुलिस और सक्षम अदालत के स्तर पर होगी। राजा वड़िंग पर लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगा।

फिलहाल Raja Warring News पंजाब की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है और आने वाले दिनों में इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।

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